
अरी मेरो मारग रोक्यो कृष्ण कन्हैया ने
Ari Mero Maarag Rokyo Krishna Kanhaiya Ne lyrics
अरी मेरो मारग रोक्यो कृष्ण कन्हैया ने,
मैया मोहे बहुत दुख दीन्यो दाऊ के भैया ने,
मारग में मिल गये नन्द लाला,
संग मै लिए बहुत से ग्वाला
अरी मेरो घुंगट खोल्यो बंसी बजैया ने,
माखन की जो पटक दई मटकी,
मेरी बाँह पकड़ के झटकी,
अरी चूड़ियाँ चटकाई रास रचैया ने,
फेंक गुलाल हाथ पिचकारी मोसें कहे साँवरो प्यारी
अरी नख सिख तै भिगोई गिरवर उठाइया नै
पकड़ूँ तो मेरे हाथ ना आवै,
अंगूठा दिखाए रसकारी चखावे,
अरी मोहे नाच नचाई धेनु चरइया नै
वह उधम जो बहुत मचावे,
मेरी एक पेश नहीं आवे,
अरी मोहे बहुत सताई नाग नथइया ने,
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