
अरे लेके गणेश को कहा जावे,
कहा जावे गोरा कहा जावे,
सुन भोले पीहर जाऊगी कभी लौट के मैं न आउंगी,
मैं तंग आप से हो गई मेरी सौतन भंग हो गई,
अरे मान ले गोरा रानी मेरी बात मना रहे है तुमको भोले नाथ,
अरे छोड़ दो भोले पिया मेरा हाथ मैं न रहु कैलाश पे तेरे साथ,
हट छोड़ दे तप छोड़ दे करे काहे तंग क्यों पीते भंग,
जो बिना भुलाये जाओगी पीहर में न इजात पाओगी
तुम भोले संशनी मस्तमलंग कैसे भोले रहु तुम्हरे संग,
अगर में थारे ोहगड मस्त मलंग काहे व्याह रचाया मेरे संग,
तेरे प्रेम में मैं तो खो गई करे व्यिहा तेरी हो गई,
मेरे प्रेम का बंधन तोड़ के कहा जाये रे गोरा छोड़ के,
इक शर्त पे रहु तुम्हारे संग छोड़ न होगी भोले तुम भंग,
आशा गोरा छोड़ दी मैंने भंग लौट के चल कैलाश पे मेरे संग,
भोले पिया करदो छमा अब घर चलो गणपत की माँ,
तुम्हे छोड़ के न जाऊ पिया तुम्हे भोले मैंने वचन दियां
देखो गणेश भी मुश्कावे बेराग कलेश कट जावे,
अरे झडा सारा मिट जावे जो राजी नामा हो जावे,
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