
अलगी घणी परनाई ओ बीरा रे,
दोहा – बीरा मारा रामदेव,
रानी मेतल रा भरतार,
एकर लेवन आवजो,
थारी बहन करे पुकार।
ली नहीं साल संभाल,
जीव अमुजे माने ओलू आवे,
अठे पड रियो क़ाल पर काल,
ओ बीरा मारा रामदेव रे,
बाई ने एईकर लेवन आव,
अलगो बाई रो सासरो रे,
ओ बीरा रे माता मिलन रो चाव।।
बेटी ने दोनों ज्यू रेवे बीरा,
बूढ़ा मायड़ बाप,
अलगो लीगन लिख्यो जोशी जी,
थाने खायो कोणी कालो नाग,
सासू जितरे सासरो रे बीरा,
माता जीतरे पिर,
जद भोजाया घर आवसी रै बीरा,
मारो मनडो ना माने धिर,
एकर तो बीरा माने बता दो,
पियरे रा रुक,
का जाने का कद होवासी रे,
रुणिचा रा रुक,
ओलू सुगना बहन री रे बीरा,
पद गावे पन्नालाल,
अब मत बिलखे बहनडी,
थाने रतनो लेवन आव,
अलगी घणी परणाई ओ बीरा रे,
गायक – श्याम पालीवाल जी & अस्मिता पटेल।
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