
अवधपुरी जाने को जी चाहता है
राम राम गाने को जी चाहता है,
अवधपुरी जाने को.........
अवधपुरी में सरयू महारानी,
सरयू महारानी श्रीसरयू महारानी,
गोता लगाने को जी चाहता है,
अवधपुरी में बजरंगी का डेरा,
बजरंगी का डेरा रामसंगी का डेरा,
दरस सुख पाने को जी चाहता है,
अवधपुरी में रामजी बिराजैं,
रामजी बिराजैं श्रीरामजी बिराजैं,
चरणरज पाने को जी चाहता है,
जादू भरे मेरे रामजी के नयना,
रामजी के नयना श्रीरामजी के नयना,
नयना लड़ाने को जी चाहता है,
मंद मधुर मुस्काये मेरे रामजी,
मुस्काये मेरे रामजी मुस्काये श्रीरामजी,
सबकुछ लुटाने को जी चाहता है,
भव से पार उतारैं मेरे रामजी,
उतारैं मेरे रामजी उतारैं श्रीरामजी,
उन्ही में समाने को जी चाहता है,
रचना आभार: ज्योति नारायण पाठक
वाराणासी
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