
आंबे आंबे हो ओ जय जगदम्बे
माता के शुभ नवराते है
करलो जी तैयारियां
जय माता की बोलो रे
सारे मिलकर नर और नारिया
कोई कहता है शेरोवाली
कोई कहता है मेहरावली
कोई कहता तुझे माँ जागाम्बे
तोड़ दे तू दुश्मन के खम्बे
तेरे दर्शन से माँ आंबे
खिल जाये फुलवरिया
कोई शप्त शांति का पाठ कराये
कोई अपने घर में तुझे बुलाये
नवदुर्गा को रोज मनाये
शाम सवेरे भोग लगाए
नव दुर्गा के आने से कट जाती है
दुःख बीमारिया
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