
आई बहार हँसते-हँसते,
आया साँवला सरकार,
हँसते-हँसते।
परम अनूप आया,
त्रिभुवन का भूप आया.....-2
रघुवर सरताज हँसते हंसते,
आया साँवला सरकार हँसते-हँसते,
नाथों का नाथ आया,
करने सनाथ आया....-2
श्रृष्टि सुधार हँसते हंसते,
तपसिन का त्याग,
भक्तन अनुराग आया.....-2
प्रेमिन का प्यार हँसते हंसते,
किसी का भगवान आया,
शंकर का ध्यान आया,
बाबा का ध्यान आया,
वेदों का सार हँसते हंसते,
भरत जी का भाई आया ,
जनकजी का जमाई आया।
मिथिला का श्रृंगार हँसते हंसते,
प्रगटे अवध में आके,
कौशल्या के लाल कहाके,
दशरथ कुमार हँसते हंसते,
तजि के साकेत आया,
परिकर को संग लाया,
भई जय-जयकार हँसते हंसते,
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