
लेता हु जब नाम तेरा हिचकिया मेरी रुक जाती है,
आज लगा झुँझन वाली को मेरी याद भी आती है,
माँ का दिल बस इतना चाहे बेटा उसके पास रहे,
सुख दुःख की बतलाये माँ से प्यार की दो ही बात कहे,
करके इशारा मियां मुझको अपने पास भुलाती है,
होके दूर मेरी मैया से दूर कहा मैं रहता हु,
दिन हो चाहे रात सदा मैं दादी नाम ही लेता हु,
वो मेरे सपनो में आते सिर पे हाथ फिराती है,
तूने पाला तूने सम्बाळा ये जीवन अब तेरा है,
बोले सचिन दादी चरणों में स्वर्ग वसा ये मेरा है,
वो अपनी सेवा में मुझपे यु ही प्यार लुटाती है,
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