
नही पता कौन हु मैं, और कहां मुझे जाना हैं
शिव ही मेरी मंजिल है, और शिव का दर ही ठिकाना हैं
आपके दर का हु नौकर, शंकर
आपका हाथ हैं , आपका हाथ हैं
आपका हाथ है सिर पर, शंकर
आपके बच्चों का गुलाम हु मैं
मुझको किस बात का हैं डर, शंकर
सारे दीवाने बांधे बैठे हैं
इक तेरा नाम ही सिर पर, शंकर
शिव शंकर भजमन हरे हरे
भज शंकर भजमन हरे हरे
आपसे मांगू आप ही दोगे
तेरा दीवाना है ज़िद पर, शंकर
सबको मुंह मांगा वर देते हो
आगया जो तेरे दर पर, शंकर
शिव शंकर के दर जो आया मुंह मांगा वो फल पाया हैं
उसको मिला है जी भर कर जो खाली झोली लाया हैं
तू अपनी बिगड़ी किस्मत को बाबा के दर पर लाके देख
जो बिगड़ी बना दे सब भक्तों की महादेव कहलाते हैं
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