
आया हूं मैया दर पे तुम्हारे
सब कुछ मैं अपना छोड़के
तुमसे मिलने को
दुनिया की फिकिर है ना, किसी का है डर मुझे
बस एक तमन्ना है कि में देख लूं तुझे
आया हूं मैया.......
आते है लोग आपके, दीदार के लिए
नज़रे करम तो करदो, बीमार के लिए
हम तो कभी किसी का बुरा सोचते नही
हमसे ना जाने क्यों ये ज़माना खिलाफ है
अपने दरबार से कुछ भीख दया की देदो
जिसलिए लोग तेरे दर पे चले आते है
तुम्हारे दर पे मैं फरियाद लेके आया हूं
तुम्हे सुनाने को पैगाम संग मैं लाया हूं
दरबार से उनके कोई खाली नहीं गया
मायूस होके दर से सवाली नही गया
हम सब का मेरी मैया ऐसा नसीब हो
जब जब तुझे पुकारे वो तेरे करीब हों
गायक :- अविनाश झनकार
:- सुनील रैकवार
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