
एक आस तुम्हारी है
एक आस तुम्हारी है, विश्वास तुम्हारा है
अब तेरे सिवा बाबा, कहो कौन हमारा है
एक आस तुम्हारी है
फूलों में महक तुमसे, तारों में चमक तुमसे
मेरे बाबा…..
इतना बता दो कहा तुम नहीं हो
ये सब को पता है कि तुम हर कहीं हो
अगर तुम ना होते तो दुनिया ना होती
अँधेरा मिटाती है तेरी ही ज्योति
बर्फो में शीतलता, अग्नि में धधक तुमसे
अग्नि में धधक तुमसे
जिस ओर नज़र डालू, तेरा ही नजारा है
मंझधार में नैया है, मजबूर खिवैया है
कन्हैया…
विश्वास मेरा ये टूटे ना प्यारे
तुम्हिको लगानी है नैया किनारे
चले आओ ढूंढो ना कोई बहाना
सोचो जरा है ये रिश्ता पुराना
नैया का खिवैया तो, अब तू ही कन्हैया है
अब तू ही कन्हैया है
भव पार लगा बाबा, मंझधार किनारा है
इस तन में रमे हो तुम, इस मन में रमे हो तुम
ऐ मेरे बाबा…
तुझसे जुडी है मेरी हर कहानी
तुम्ही दे रहे हो मुझे दाना पानी
ये अहसान तेरा मैं कैसे चुकाऊं
दिया है जो तूने मैं ना भूल पाऊं
मैं तुमको कहा ढूँढूँ, इस दिल में बसे हो तुम
इस दिल में बसे हो तुम
घनश्याम दर्श देदो, कोई न हमारा है
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