
ओ गोरे धोरा री धरती रो,
पिचरंग पाडा री धरती रो,
पितल पाथल री धरती रो,
मीरा कर्मा री धरती रो,
कितरो कितरो रे कराँ मैं बखाण,
कण कण सूँ गूंजे,
जय जय राजस्थान।
घर गूंज्या भाई धर्मजला,
धर्मजला भाई धर्मजला हो हो।।
कोटा बूँदी भलो भरतपूर,
अलवर और अजमेर,
पुष्कर तीरथ बङो के जिणरी,
महिमा चारो मेर,
दे अजमेर शरीफ औलिया,- २
नित सत रो परमाण,
कितरो कितरो कराँ रे मैं बखाण,
दशो दिशा वा में गूंजे रे,
वीरा रो गुणगाण,
हल्दीघाटी अर प्रताप रे,
तप पर जग कुर्बान,
चेतक अर चितौङ पर सारे,- २
जग ने है अभिमान,
उदियापुर में एकलिंगजी,
गणपती रणथम्भोर,
जयपुर में आमेर भवानी,
जोधाणे मंडोर,
बिकाणे मे करणी माता,- २
राठौङा री शान,
आबू छतर तो सीमा रो,
रक्षक जैसलमेर,
इण रे गढ़ रा परपोटा है,
बाँका घेर घुमेर,
घर घर गूंजे मेडतणी,- २
मीरा रा मीठा गान,
राणी सती री शेखावटी,
जंगल मंगल करणी,
खाटू वाले श्याम धणी री,
महिमा जाए न बरणी,
करणी बरणी रोज चलावे,- २
वायड री संतान,
गोगा पाबू तेजो दांडू,
झाम्भोजी री वाणी,
रामदेव के पर्चा री,
लीला किणसूं अणजाणी,
जेमल पत्ता भामाशारी,- २
आ धरती है खाण,
वीर पदमणि हाडी राणी,
जेङी सतियाँ जाई,
जोधा दुर्गा दाससा जन्म्या,
जन्मी पन्ना धाई,
जोहर और झुंझार सूं होवे,- २
इणरी खरी पिछाण,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


