
ओ मईया तेरी चुनरी कमाल कर गई
कमाल, कर गई वो, कमाल कर गई ॥
सतयुग में, आई मईया, सती रूप, धार के
सती रूप, धार के मईया, सती रूप, धार के ॥
ओ भोले, बाबा जी को, निहाल कर गई ।
त्रेता में, आई मईया, सीता रूप धार के ।
सीता रूप, धार के मईया, सीता रूप, धार के ॥
श्री राम, चंद्र जी को, निहाल कर गई ।
द्वापर में, आई मईया, द्रोपदी रूप, धार के ।
द्रोपदी रूप, धार के मईया, द्रोपदी रूप, धार के ॥
ओ पांचों, पांडवों को, निहाल कर गई ।
कलयुग में, आई मईया, वैष्णो रूप, धार के ।
वैष्णो रूप, धार के मईया, वैष्णो रूप, धार के ॥
ओ भैरों, बाबा जी को, निहाल कर गई ।
लाल लाल, चुनरी मईया, भक्तों ने ओढ़ाई ।
भक्तों ने, ओढ़ाई मईया, भक्तों ने ओढ़ाई ॥
ओ दर्श दे के, भक्तों को, निहाल कर गई ।
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