
ना धन दौलत है माँगी ना उपहार माँगा है,
ओ काली कमली वाले तेरा प्यार माँगा है,
ओ मोहन मुरली वाले तेरा प्यार माँगा है।।
इतना दे मुझे सहारा दिखला दे तेरा द्वारा,
पावन तेरे चरणों में करलूंगा नाथ गुजारा,
मेने चरणों की सेवा का अधिकार माँगा है,
जग कितना ही जोर लगाए तू बंधन में ना आये,
एक प्यार की गाँठ लगे तो तू ऊखल से बंध जाये,
बस दिल ने तेरे प्यार का संचार माँगा है,
हम सब के सामने रोए ना किसी ने आँसू धोए,
जिसको भी घाव दिखाए उसने ही शूल चुभोये,
इसलिए कन्हैया तेरा आधार माँगा है,
अब दया दीन पर कर दे तुमको ना भूलू वर दे,
रजनी गजेसिंह के दिल में में तू ज्ञान की ज्योति भर दे,
प्यासी अँखियो ने तेरा दीदार माँगा है,
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