
ओ सांवरे शरण में आई जगत से हार के
ओ सांवरे शरण में आई,
जगत से हार के,
शरण में आईं,
जो भी जग से हारा,
दिया तूने सहारा,
सुनकर के मैं भी आई,
तर्ज – ओ राम जी बड़ा दुःख दिना।
अपनों ने अपना बनकर लुटा,
सारा जगत अब लागे है झूठा,
फिरूं मैं तो मारी मारी,
समझो ना लाचारी,
तेरी दुनिया रास ना आई,
राधा जैसी शक्ति नहीं है,
मीरा जैसी भक्ति नहीं है,
कैसे तुझको रिझाऊं,
कैसे तुझको मनाऊं,
असुवन की झड़ी लगाई,
निर्बल का बल तुम कहलाते,
शरणागत की लाज बचाते,
मुझे गले लगा ले,
मुझे अपना बना ले,
ये ‘श्याम’ ने अर्जी लगाई,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
