
कर चेत मेरी मइया क्यों देर लगावे है,
कद को थारे द्वार खड़े इब क्यों तरसावे है,
तू गांव थांदड़ में जा कर के विराजी है,
मन में है आश घनी थारे पर बाजी है,
संसार तेरी मैया नित ज्योति जगावे है,
कद को थारे द्वार खड़े……
मैं काली कोसा से हे मात चलो आइयो,
श्रदा के सिवा थारी कशू भेट नहीं लयायो,
तू अपने भग्तो का सब काम बढ़ावे है,
हे सहस भुजा वाली मने तेरा ही सहारा है,
हे दानधन वाली माँ मने थारो ही सहारा है,
अब सिर पर हाथ तेरो के काल विचारो है,
तेरी शरण घट के गुण हाथ लगावे है,
1. ‘कर चेत मेरी मइया’ भजन का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: यह भजन एक भक्त की अपनी मां देवी से करुण पुकार है, जिसमें वह संकट के समय माँ से तुरंत सहायता मांगता है।
2. इस भजन में ‘कर चेत’ का क्या अर्थ है?
उत्तर: “कर चेत” का मतलब है “जागो”, “सचेत होओ” — यह माँ को भावपूर्ण आह्वान है कि वह अपनी कृपा दृष्टि दे।
3. यह भजन किस देवी को समर्पित है?
उत्तर: यह भजन आमतौर पर माँ दुर्गा, माँ वैष्णो देवी, या किसी भी माँ शक्ति रूप को समर्पित किया जाता है।
4. क्या यह भजन नवरात्रि में गाया जा सकता है?
उत्तर: हां, यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण, माता की चौकी या किसी भी देवी आराधना में गाया जा सकता है।
5. इस भजन को कौन-कौन से भजन गायक ने गाया है?
उत्तर: इस भजन को कई लोक प्रिय भजन गायकों ने गाया है, जैसे सोनू निगम, अंशिका गोयल, या अन्य स्थानीय भजन कलाकार।
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