
कलयुग के अवतारी
खाटू वाले श्याम बिहारी,
कलयुग के हो तुम अवतारी,
जो भी आया शरण तुम्हारी रे,
सावरा सावरा सावरा सावरा,
बाबा तेरी खाटू नगरी विशाल है,
भक्तो की भीड़ यहाँ लगती अपार है,
बाबा तेरी मर्जी के आगे,
पत्ता ना हिलता यहाँ,
दीन दुखियों से करता तू प्यार है,
सेठो का सेठ ये श्याम सरकार है,
जो भी आया दर पर तुम्हारे,
भरता तू झोली सदा,
फागुण के मेले में हम को बुलाले,
‘सचिन’ को बाबा तू अपना बना ले,
सीस का दानी दरस दिखा दे,
मुझको भी ओ सावरा,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
