
तोहे नूर का जलवा है जन्नत का नजारा है,
कश्मीर की वादी में शेरोवाली का द्वारा है,
हर और पहाड़ो ने डाला हुआ गेरा है,
हर जगह बहारो ने फूलो को बिखेरा है,
भगवान ने धरती पर इक स्वर्ग उतारा है,
कश्मीर की वादी में मेरी माँ का द्वारा है,
है केंदर तपसाया का ऋषियों की धरती है,
इस धरती की कुरदत भी आराधना करती है,
कोई पुण्य का सागर है मुकति का दवार है
माँ के इस द्वारे की महिमा ही निराली है,
खाली न कभी आये जाता जो सवाली है,
ममता के सरोवर की अनमोल वो धारा है,
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