
किया श्याम से जो वादा मिलने का, मैं वादे को निभाने आ गयी,
By Shyam The promise to meet
किया श्याम से जो वादा मिलने का,
मैं वादे को निभाने आ गई।
ये ना मौका है अब चूकने का,
मैं सबको बताने आ गई॥
किया श्याम से जो वादा मिलने का,
मैं वादे को निभाने आ गई॥
खाटू मंदिर के बाहर दरवाजे पर,
इंतज़ार में खड़ा था मेरा गिरधर।
सब्र हुआ ना साँझ ढलने का,
झलक मैं तो पाने आ गई॥
किया श्याम से जो वादा मिलने का,
मैं वादे को निभाने आ गई॥
जबसे हुई मुलाकात बंसी वाले से,
मेरे जीवन हो गए उजाले से।
क्या सबब ये दिल मचलने का,
पहेली सुलझाने आ गई॥
किया श्याम से जो वादा मिलने का,
मैं वादे को निभाने आ गई॥
मनमोहन के मन को जो भा गई,
अंजलि की दुआ काम आ गई।
लिखा किस्मत में नहीं टलने का,
सरल समझाने आ गई॥
किया श्याम से जो वादा मिलने का,
मैं वादे को निभाने आ गई॥
ये ना मौका है अब चूकने का,
मैं सबको बताने आ गई।
किया श्याम से जो वादा मिलने का,
मैं वादे को निभाने आ गई॥
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