
कुछ ऐसा कर कमाल के खाटू आ जाऊ
कुछ ऐसा कर कमाल के खाटू आ जाऊ,
मैं भटक रहा फिहाल के तेरा हो जाऊ,
जुदाई ये अब तो ये अब तो सही न जायेगी ,
बोलो न किस्मत कब मेरी रंग लाएगी,
आने तड़पे तेरा लाल कुछ ऐसा करो कमाल के खाटू आ जाऊ,
दाया अब सँवारे मुझपर कीजिये दर्द जो दिया है दवा भी दीजिये,
मेरा हाल हुआ बे हाल कुछ ऐसा करो कमाल के खाटू आ जाऊ,
दर्शन को पा कर के मैं सब कुछ पा जाऊ यही चाहु मैं बाबा तुझमे भी समा जाऊ,
राखी हो जाए निहाल कुछ ऐसा करो कमाल के खाटू आ जाऊ,
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