
कुण्डा खोल पुजारिया मंदिर के
आई, मेरी मईया, सज धज के ॥
मईया, माथे, की बिंदियाँ, चमक रही ॥
और, टीका, माथे पे, चम चमके,
कुण्डा, खोल, पुजारिया...
मईया, अंगे, की साड़ी, चमक रही ।
और, गोटा किनारी, चम चमके,
मईया, हाथों, का चूड़ा, चमक रहा ॥
और, हाथों की, मेहँदी चम चमके,
मईया, कानों, के कुण्डल, चमक रहे ॥
और, नथनी, मईया की, चम चमके,
मईया, बांहों का, बाजूबंद, चमक रहा ॥
और, हाथों, की चूड़ी, खन खनके,
मईया, पैरों, की पायल, चमक रही ॥
और, बिछुए, मईया के, चम चमके,
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