
मेरी विनती यही है राधा रानी,
कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना,
हे श्यामा प्यारी कृपा बरसाये रखना,
मुझे तेरा ही सहारा महारानी,
चरणों से लिपटाए रखना,
कृपा बरसाये रखना।।
भजन – मेरी विनती यही है राधा रानी।
हे भक्त वत्सला श्यामा,
विनय स्वीकार कर लो,
निज भक्तो की सेवा में,
निज संतो की सेवा में,
सदा ही लगाए रखना,
दोहा – मैं भी तुम्हारे दर पर,
आया हूँ बनके सवाली,
करो कृपा की एक नज़र,
राधे बरसाने वाली।
राधा राधा राधा राधा राधा,
नित होती रहे श्यामा जु,
कृपा की बरसात मुझ पर,
अपनी करुणा का सागर,
ह्रदय में समाए रखना,
लिए पाप की गठरी सर पे,
द्वार आकर के पड़ा,
मुझ अधम निठुर को श्यामा,
सदा ही निभाए रखना,
दोहा – दुखियों को अपनाने वाली है,
रोतो को हंसाने वाली है,
कन्हैया से मिलाने वाली है,
ऐसी मेरी श्यामा बरसाने वाली है।
ये ‘चित्र-विचित्र’ श्यामा प्यारी,
तुम्हारे गुण गाते रहे,
पागल के सिर पर हाथ,
सदा ही रखाए रखना,
स्वर – श्री चित्र विचित्र जी महाराज।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




