
कैसी घडी आई माँ कैसी घडी आई,
नवराते बीते मैया हो गई विधाई,
पहली पूजा की दिन घर में तू आई रे,
महकाया आंगन मेरा खुशिया माँ छाई रे,
छोड़ के माँ यु न जाओ करलो सुनाई,
तुम से जुदाई माता सेह न पाउगा,
रो रो के मैया मैं तो मर जाउगा,
बेटे पे गम की बदली कैसी ये छाई,
मुझसे जुदा होक माँ क्या तू रह पाएगी,
बेटे की तुझको भी तो याद माँ सताये गी,
धरीज का बाँध टुटा आती रुलाई,
रोवे क्यों हर्ष बेटा दिल क्यों उदास है,
हर घडी माता रहती बेटो के पास है,
जब तू पुकारेगा मैं दौड़ी दौड़ी आई
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