
धुन- अफ़साना लिख रही हूँ
( नासै रोग हरै सब पीरा,
जप निरंतर हनुंमत बीरा
संकट ते हनुंमान छुड़ावै,
मन कर्म वचन ध्यान जो लावै
संकट कटै मिटै सब पीरा,
जो सुमिरै हनुंमत बलबीरा
बोलो बाला जी महाँराज की,,,,,, जय
क्या कहना वाह क्या कहना
बाला जी सरकार का,
वस गया है, जलवा दिल में, तेरे दरबार का
इस मंदिर जैसा और नहीं, "पूरे संसार में
हर अर्ज़ी होती पूरी, "यहाँ पहली बार में
रखते ख्याल बाला जी
हर सेवादार का,
झुकते हैं रोज़ हज़ारों, ''मेहंदीपुर धाम में
है अगम अगोचर शक्ति, ''सालासर धाम में
भूतों और प्रेतों को भी
डर इनकी मार का,
इस धाम की मिटटी भी, "पावन पुनीत है
यहाँ रहते बाला जी के, "हर ज़ुबान पे गीत हैं
संकट हरते बाला जी
भक्तों के परिवार का,
यहाँ आकर दिल को धीरज, "मिलता अपार है
जो है इनका दीवाना, "यह उनका विचार है
कल्याण करे बाला जी
पूरे परिवार का,
धुन- जय जय राम
, जय सिया राम
जय जय राम राम राम
, जय जय सिया राम
जय जय राम
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