
खाटू के कण कण में
खाटू के कण कण में केवल श्याम नाम ही लिखा है,
भगतों की धड़कन में केवल श्याम नाम ही लिखा है......
श्याम श्याम ही जपते हरदम, बाबा श्याम के प्रेमी हैं,
सीना ठोंक के कहते हैं हम खाटू धाम के प्रेमी हैं,
प्रेमियों के मन में केवल श्याम नाम ही लिखा है.....
खीर चूरमे पेड़े में भी श्याम नाम की खुशबू है,
इत्र चढ़े जो श्याम को उसमें खाटू धाम की खुशबू है,
बाबा के प्रसाद में केवल श्याम नाम ही लिखा है.....
बाबा के मन्दिर के शिखर पे जो निशान लहराते हैं,
दूर दूर से पैदल चल के आकर भक्त चढ़ाते हैं,
ऊँचे ऊँचे निशान में केवल श्याम नाम ही लिखा है.....
श्याम प्रेमियों की संगत में जो पल बीते पावन है,
बाबा के कीर्तन का नज़ारा सुन्दर है मनभावन है,
बाबा के भजनों में केवल,श्याम नाम ही लिखा है.....
जय श्री श्याम से सुबहा होती जय श्री श्याम से शाम है,
"मोहित" हैं जब श्यामधणी तो दुनिया से क्या काम है,
प्रेमियों के मुख में केवल श्याम नाम ही लिखा है.....
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

