
खाटू में श्री श्याम विराजे सालासर बजरंगी
खाटू में श्री श्याम विराजे सालासर बजरंगी,
हमने तो ये देख लिया दोनों भक्तों के संगी,
बोलो हैं ना, हैं ना हैं ना,
खाटू में श्री श्याम विराजे ................।
श्याम सलोना खाटूवाला देव बड़ा मतवाला,
निर्भय कर देता बजरंगी माँ अंजनी का लाला,
एक मस्ती बरसावे दूजा उसे बढ़ावे,
श्याम द्वार पर भजन करें नित बाला बन सत्संगी,
भक्तों की हिट श्याम प्रभु हैं जो भी हुक्म सुनाते
तन मन से बजरंगी उसको पूरा है करवाते
एक सेवक एक स्वामी दोनों अन्तर्यामी
दोनों मिलकर दुष्टों की गत कर देते बदरँगी
लखदातारी शीश का दानी भरता है भंडारे
बजरंगी बाला भक्तों की बिगड़ी बात सँवारे
अन्न धन श्याम लुटाता हनुमत उसे बढ़ाता
तीन बाण और गदा के आके ठहरे ना कोई दंगी
तीन बाण की महाभारत में लीला श्याम दिखाई
लंका जाकर बजरंगी ने अपनी गदा घुमाई
दोनों सुख के दाता अपने भाग्य विधाता
श्याम कृष्णा अवतारी बाला हैं अवतार भुजंगी
एक होली भक्तों संग खेले दूजा संग में नाचे
इसमें कोई भी नहीं शंका पर दोनों हैं सांचे
एक दिया एक बाती जोड़ी ये मन भाती
श्याम सुन्दर सुमिरांग कर ले जीवन में रहे ना तंगी
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