
गंगा मैया त्रिवेणी पावन जल थारो,
ओ गंगा मैया त्रिवेंणी पावन जल थारो,
मेरी मैया प्रयागराज तीर्थ प्यारो,
धरती पे माँ गंगा आयी,
दुष्टों को मुक्ति है दिलाई,
आस्था का केन्द्र बन जाई,
सबको तारो पल भर माई,
दयालु मेरी माता है,
शरण मे जो कोई आता है,
उसको भवजल पार उतार दो,
महिमा तेरी गंगा निराली,
हर पोढी हरिद्वार वाली,
सबका दुखडा हरने वाली,
सबका पाप मिटाने वाली,
मै तो आया गंगा तीर,
तेरा शीतल निर्मल नीर,
माता एक लहर सु माने तार दो,
बंजर में कलीया मुर जाई,
तेरे जल से फूल खिल जाई,
पशु पक्षी पतंगे आयी,
कीलोर करे नदियाँ रे माई,
ये झरने मन भावे,
यहाँ नदियों में मिल जावे,
बंजर होम हुवो हरियालो,
अमंगल का मंगल करती,
सबकी मुरादे पूरी करती,
माली छवर करे गुरू की भक्ति,
मोक्ष दायनी करना गती,
सबने मुक्ति थे दिरावो,
खाली झोली ने भर जावो,
भारत माता की शान बढायदो,
गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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