
गंगा यमुना सरस्वती की पावन नगरी बांधवा वाले बड़े हनुमान बनते बिगड़ी
गंगा यमुना सरस्वती की पावन नगरी
बांधवा वाले बड़े हनुमान बनते बिगड़ी।।
गंगा यमुना सरस्वती की
पवन नगरी जहां बांधवा वाले
बड़े हनुमान बनते बिगड़ी।।
द्वारे जिसको माथा टेका
किस्मत सांवरी
जहां बांधवा वाले
बड़े हनुमान बनाते बिगड़ी।।
जिन्की मनौति पुरी होजाये
जयकारे करते आते हैं
हरे बास में लाल पताका
लगा निशान वो लाते हैं
निशान लेकर के सभी
मंदिर के अंदर जाते हैं
बड़ी श्राद्ध से हनुमान जी
के चरणो में चढ़ाते है।।
पूजा करके टिकटक लगाकार
करे पूरी मनौती
कहते हैं एक बार
एक डॉक्टर संकट में आया
दुर्घटना में पुत्र था घायल
कोई बच्चा ना पाया
फिर बांधवा वाले
बड़े हनुमान की शरण में आता है
मंदिर में आकार पूजा कर के
चरणो में शीश झुकता है।।
पुत्र बच गया
मन में जागी भक्ति की ज्योति
कहते हैं हनुमान भक्ति
श्री राम दुलारे होते हैं
हनुमत की पूजा करके
श्री राम का दर्शन पाते हैं
काशी में संकट मोचन
अयोध्या में हनुमान गढ़ी
तीरथ राज प्रयाग में लेती
हनुमत की काया है बड़ी
सबि व्यवस्था पूजा कर्ता
मठ है वाघंबरी
पावन नगरी जहां बांधवा वाले
अंजनी के दुलारे आज भारत मां ये पुकारे आज
सोटा मार बाला जी सारे भूत और प्रेत भगावे
एक दिन बोले यू रघुराय हनुमान भजन
बालाजी मेरा प्यारे कदे तो दर्शन देखा करे
माँ अंजनी के लाल थोड़ा ध्यान दीजिये
गंगा यमुना सरस्वती की पावन नगरी बांधवा वाले बड़े हनुमान बनते
अंजनी को लाल निरालो रे अंजनी को लाल
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