
ग्वाला जब ग्वालिन से बोला भजन लिरिक्स
ग्वाला जब ग्वालिन से बोला,
दूध गाय का किसने निकाला,
बोली गुफ़्त खाकर ग्वालिन,
सुन मेरे ग्वाले,
कल तुम छुपकर,
देखो जाकर,
कौन है वो ऐसा ग्वाला,
हमको सताया, दूध निकाला।
सुबह होते पहुँचा ग्वाला,
गाय चराने,
टीले पर लगी दूध झराने,
देखकर अचम्भा ग्वाला,
ग्वालिन से बोला,
दूध निकाला,
सुन री ग्वालिन अपना,
चोर तो है पाया,
पर है अचम्भा भारी,
टीले ने चुराया,
देखा ही ऐसा ग्वालिन,
सबको बुलाया,
दुग्ध निकाला,
लेकर फावड़ा ग्वाला,
टीले पर आया,
सारा टीला खोद गिराया,
प्रकटी है मूरत ग्वालिन,
रूप है निकाला,
पल में ही स्वामी ने दरस दिखाया,
ग्वाले का यूँ मान बढ़ाया,
भक्त शरण में आकर,
जपे तेरी माला,
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