
चार जुगा री देवी मुण्डारा बिराजे,
अरे खांडो रे खप्पर,
प्यारो लागे मारी चामुण्डा,
खांडो रे खप्पर,
भगत मनावे मैया आवो थे मुण्डारा,
अरे भगत मनावे मैया,
आवो थे मुण्डारा,
अरे आवो रे मुण्डारा मैया,
आवो रे मुण्डारा,
आवो रे मुण्डारा मैया,
अरे धुम्बडा ती चाल्या माताजी,
मुण्डारा मे आया,
अरे मुण्डारा मे त्रिशूल,
रोपो मारी चामुण्डा,
मुण्डारा मे त्रिशूल,
काला गोरा भेरू मैया,
आगल वानी,
अरे काला गोरा भेरू मैया,
थारे अगवानी,
अरे सिंह री सवारी,
सिंह री सवारी प्यारी,
लागे मारी चामुण्डा,
मालीजी आवे थोरे,
हाट लगावे,
अरे मालीजी आवे मैया रे,
अरे भगत आवेने फुलड़ा,
चाढे मारी चामुण्डा,
अरे सेवक आवे फुलड़ा,
अरे नोरता रे माय,
मैया रो मेलो भारी लागे,
अरे गरबा तो रमता वेगा,
आवो मारी चामुण्डा,
अरे गरबा खेलता,
अरे दास मोहन महिमा,
आपरी गावे,
अरे मुण्डारा मे दर्शन करवा,
प्रेषक – मनीष सीरवी
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