
छतरी चाढे नी भाईडा घणो घणो तावडो पडे
छतरी चाढे नी भाईडा,
घणो घणो तावडो पडे,
तावडो पडे,
गौतमजी रो मेलो,
लम्बी नदियाँ मे भरे।।
ए अरे चार चार महिना,
आयो रे उनालो,
अरे चार चार महिना,
उनाला री गरमी घणी जोर री पडे,
जोर री पडे,
भूरीया बाबा रो मेलो,
आयो रे चोमासो,
चोमासा रा मेवुडो घणो जोर को भरे,
जोर को भरे,
ए गौतमजी रो मेलो,
आयो रे सियालो,
सियाला रा सर्दी घणी,
जोर री पडे ए गौतमजी रो मेलो,
ए लम्बी लम्बी नदीयाँ मे,
गौतमजी रो मेलो लागे,
सगला चालो भगता,
चालो दर्शन कर सुख पावो।।
ए अरे जल सेवा मीणा ग्रुप,
जागरण रखावे,
अरे जल सेवा मीणा ग्रुप,
पोसालीया नगरी मे मेलो,
जोर रो भरे जोर रो भरे,
गायक – संत कन्हैयालाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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