
जग की माया छोड़ के प्यारे श्याम के गुण तू गाएजा
By city. There are millions of oceans in this world
जग की माया छोड़ के प्यारे,
श्याम के गुण तू गाएजा,
थामेगा ये हाथ तुम्हारा,
तू भी हाथ बढ़ाए जा,
तर्ज – नगरी नगरी द्वारे द्वारे।
सागर लाखों है इस जग में,
सबसे गहरी तेरी आँखे,
डूब जा इन आँखों में बन्दे,
खुद तेरी नाव चलाए,
जीवन को तेरे श्याम संभाले,
डोर इनको सौंपे जा,
तुझपे ही एक आस बची है,
और किसी अपने पे ना,
आज मेरा बांके बिहारी,
दिखला दे तू अपनी अदा,
तेरे दर बस सर झुकाऊं,
अपने गले लगा ले ना,
आखिरी आस प्रभु दिल की मेरे,
चरणों में समर्पित है,
दर की धूलि मिले बस उसको,
हार के जो भी आया है,
‘केशव’ का विश्वास यही है,
ग्यारस पे तू बुलाएगा,
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