
जगदम्बा राखो लाज शरण में थारी आयो लिरिक्स जगदम्बा राखो लाज,
शरण में थारी आयो ।।
ऊंचे पर्वत मंदिर थारो,
लाल चुनरिया सोहे,
चंदन हार गले में मैया,
भक्ता रो मन मोहे,
थारे हाथ खड़ग तलवार,
जगदंबा राखों लाज,
सदा रहत जगदंबा थारे,
हनुमान अगवानी,
उभी चंवर ढुलावे थारे,
जोगणिया महारानी,
थारी सेवा में भैरवनाथ,
सिंह सवारी करके मैया,
दानव दल संघारे,
भक्तों की हितकारी मैया,
पल में संकट टाले,
म्हारी कर दो भवानी सहाय,
महिमा थारी है जग जननी,
तीन लोक में न्यारी,
भक्तों पर मां कृपा कर दो,
चरणों में बलिहारी,
भक्तों की लज्जा राख,
जगदम्बा राखो लाज,
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