
लख लख दिवला री माजीसा री आरती,
आरती ओ आरती भटियाणी सा री आरती,
जगमग ज्योता वाली माजीसा री आरती,
डांसरिया में बैठा माजीसा भक्तों री रखवाल जी,
टाडगढ़ में बैठा माजीसा भक्तों री रखवाल जी,
ढोल थाली नोपत बाजे झालर रो झनकार जी,
सांझ सवेरे आरतियां मे होवे जय जयकार जी,
भक्त खड़ा दरबार आपरे पूरो मन री आस जी,
घिरत मिठाईयां चाढे चूरमो श्रद्धा रे आधार जी,
आरतियां री वेला माई घूमर खेलो मावडी,
भक्तों री मां अरजी सुनलो दर्शन देवो मावडी,
‘कुशाल सिंह जी’ करे सेवना सौप्यो जीवन सार जी,
‘अंजु बाईसा’ करे सेवना सौप्यो जीवन सार जी,
‘रूपेन्द्र सिंह जी’ चंवर ढुलावे ध्यावे हर पल मावडी,
‘मनीष सीरवी’ कलम चलावे धरजो सिर पर हाथ जी,
‘दिनेश माली’ चरने आयो राखो चरना माय जी,
गायक – दिनेश जी माली नागौर।
प्रेषक / लेखक – मनीष सीरवी।
रायपुर जिला ब्यावर राजस्थान।
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