
जब मन मेरा गबराये कोई राह नजर ना आये
जब मन मेरा गबराये कोई राह नजर ना आये,
ये हाथ पकड़ कर मेरा मुझे मंजिल तक ले जाये,
ये बाबा तो मेरा रखवाला है,
मुझे पल पल समबाला है,
कोई भी पास नहीं था तब यही साथ खड़ा था,
मुझ दीं हीं की खातिर दीनो का नाथ लड़ा था,
मेरे सिर पे हाथ फिराया मुझे अपने गले लगाया,
मैं हर दम साथ हु तेरे मुझको एहसास करवाया,
दर्दो को सहते सहते कितना मैं टूट गया था,
रो रो कर इन आँखों का हर आंसू सुख गया था,
मेरे श्याम ने मुझे निहारा दुःख मेट दिया है सारा,
अब इस के भरोसे छोड़ा मैंने ये जीवन सारा,
मेरे मन में उपवन का मेरा श्याम बना है माली,
इसकी शीतल छाया में महकी है डाली डाली,
आनदं का फूल खिलाया जीवन है मधुवन बनाया,
अपनी किरपा का अमिरत मुझपर है खूब लुटाया
अंतिम अरदास यही है मेरे श्याम का हो जाऊ,
गोदी में श्याम प्रभु की मैं सिर रख के सो जाऊ,
मुझे देख श्याम मुस्काये मेरी रूह चैन तब पाये,
फिर तरुण श्याम मस्ती में लेकर इक तारा गाये,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.
