
जय गणपति है रम्ब गजानन,
गं गणपति गजमुख विघ्नेश्वर,
जय गणपति वंदना,
एक दंत गज कर्ण कहावै,
व्यास मुनि उनसे ही लिखावे,
भष्म करो वासना,
रिद्धि सिद्धि के नाथ निरंजन,
आप हो दाता पर दुःख भंजन,
प्रथम पूजा सब काज सुधारे,
मंगलमय कामना,
आप चतुर्भुज विघ्न विनाशक,
उमि आसुत हो हे गणनायक,
द्वादस नामा अति अभिरामा,
दस दिस है नामना,
गायक – हरिहरन।
प्रेषक – सत्यम सच्चिदानंद राठौर
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