
जय श्री राधा प्रेम अगाधा
जय श्री राधा, प्रेम अगाधा, हरणी भव बाधा, श्री कृष्ण प्रिये,
जय प्रेम प्रवीणा,नित्य नवीना, रतिरस वीणा, श्री कृष्ण प्रिये,
जय नवल नागरी, रस सागरी, सुख सागरी , श्री कृष्ण प्रिये ,
जय नवल तरंगिनी, कोमल अंगिनी, कीर्ति नंदिनी, श्री कृष्ण प्रिये ,
जय वृषभानु दुलारी, अति सुकुमारी, बरसाने वारी, श्री कृष्ण प्रिये ,
जय निकुंज स्वामिनी, नवल भामिनी, गुण अभिरामिनी , श्री कृष्ण प्रिये
जय कृणा करनी, राजत रमनी, हंसा गमिनी, श्री कृष्ण प्रिये ,
जय प्राविण्यामृत, लावण्यामृत, तारूण्यामृत, श्री कृष्ण प्रिये,
जय कुञ्ज निकेश्वरी, रास रासेश्वरी, बन बनेश्वरी, श्री कृष्ण प्रिये,
जय तरुतरतम्या,गुण अगम्या, रमणी रम्या, श्री कृष्ण प्रिये ,
आभार: ज्योति नारायण पाठक,
वाराणासी
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