
जागो भोलेनाथ रे,
मगरा में बोल्यो मोरीयो।
दोहा – नदी किनारे आपरो,
ओर मन्दिर बनीयो जोर,
कोयला टवका करे,
जटे मधुरा बोले मोर।
अरे जागों भोलेनाथ रे,
अरे आरतीया री टेम रे,
प्रभाते बोलीयो मोरीयो,
अरे गौ दुवन री टेम रे,
प्रभाते बोले मोरीयो।।
ए बाबा सूरज सामी बारनो,
मन्दिर में बोले मोरीयो,
अरे सूरज सामी बारनो,
मीठो बोलीयो मोरीयो रे,
मीठो बोलीयो मोरीयो,
अरे गौमाता री टेम रे,
कोसेलाव मे बोले मोरीयो।।
ए नान्दीये असवार सोवे,
हाथे त्रिशूल सोवीयो,
अरे नान्दीये असवार सोवे,
हाथे त्रिशूल धारीयो,
मंगल आरती री टेम,
मगरा मे बोले मोरीयो,
अरे नदी किनारे मन्दिर भारी,
मीठो बोले मोरीयो,
अरे गंगा माँ मेला में आवे,
अरे मोरीयो रे मोरीयो,
अरे मनमीत कैसेट मे महिमा गावु,
अरे संत कन्हैयो चरने आवे,
मोरीयो रे मोरीयो,
गायक – संत कन्हैयालाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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