
जिस काँधे कावड लाऊ मैं आप के लिए
वो कान्धा काम आ जाए माँ और बाप के लिए
जब काँधे पे मैं कावड उठाऊ
उस से मैं जितना पुण्ये कमाऊ,
उसको रखु मैं बचा के आशीर्वाद के लिए
इन कांधो में एसी तू शक्ति भर दे आखिरी समय में उनकी सेवा करदे
काम मुश्किल ये नही है भोले के लिए
कावड हो या अरथी भोले आये तेरे पास हो
वनवारी तेरे ऊपर इतना तो विशाश हो
तेरा कवाडिया न तरसे सिर पे हाथ के लिए
ये कान्धा काम आ जाए माँ और बाप के लिए
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