
जैसल धाडवी कथा द्वितीय भाग,
हे थारोडो सायबो बता ओ तोला रानी,
थारोडो सायबो बता,
इनरे सायब मे म्हारो मन लागो,
राम अलख धणी,
हिरणा चरे वन माय ओ जैसल राजा,
इनरे हिरणा मे म्हारो सायबो,
हे हिरणा जोया वन माय ओ सती रानी,
हिरणा जोया वन माय,
इनरे हिरणा मे नही सायबो,
मोरला चुगे वन माय धाडेचा राजा,
मोरला चुगे वन माय,
इनरे मोरला मे म्हारो सायबो,
हे मोरला जोया वन माय ओ तोला रानी,
मोरला जोया वन माय,
इनरे मोरला मे नही सायबो,
पूरब पश्चिम रे माय धाडेचा राजा,
पूरब पशिचम रे माय,
पूरब पश्चिम सु सायबो आवसी,
पूरब पशिचम सु सायबो आवसी,
हे पूरब पशिचम रे माय ओ सती रानी,
सायब आया ने जैसल पुगीया,
कपडा धोवाने जाय ओ जैसल राजा,
कपडा धोवाने जाय,
सामी मिलीया भाई भाई पुचीयो,
सामी मिलीया भाई भाई,
पुचीयो राम अलख धणी,
हे कटाती लायो एक नार,
ओ धाडेचा राजा,
कटाती लायो एक नार,
जात पात री म्हाने खबर नही,
चाल्या दरिया रे माय ओ जैसल राजा,
चाल्या दरिया रे माय,
सती ऊबीया ने जैसल डूबीया,
ओ सती रानी,
सायब आया ने जैसल ने तारीया,
सायब थारोडो बता ओ तोला रानी,
गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
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