
डाकिया जा रे
डाकिया जा रे
श्याम नै संदेशो दीजे
श्याम नै जायत कह दीजे
भगत थारे दर्शन नै तरसे
कोणसै गांव थारो श्याम बस्यो है
इतनो माहनै बता दे
सेवक रे
गर तेरे पास है कोई निशानी
माहनै तू दिखला दे
कइयाँ जानुँगा पिछाण पिछाण
मैं हूँ छोरो अनजान
कैंया जानुँगा पिछाण पिछाण
कैंया श्याम सु होसी मिलन
खाटू में है श्याम जी को मंदिर
शिखर धवजा लहरावै
डाकिया ओ
ड्योडी पर हनुमान बिराजै
सेवक चंवर डुलावै
बांकै नौबत बजे बार
गूंजै हरदम जय जय कार
सज धज बैठो है श्याम सजन
पहुंच गयो दरबार श्याम कै
बोलण लाग्यो सन्देशो
बाबा ओ
बण बेठ्यो कद श्याम दीवानो
कुछ ना रह्यो अंदेशो
आंखड़ ल्या सूं बरसी धार
जइयाँ सावण की फुहार
देख सावरिया बोल्यो यह वचन
कह दीजे तू जाय सेवक नै
तेरो बुलावो आ सी
सब की आस पुराहु हूँ तो
तू कइयाँ रह पासी
तेरी सारी जाणू बात
पूरी कर शु मन की आस
पर बढ़ा मेरे कानी कदम
संदेशो सेवक नै दीजे
सेवकिया राह तेरी निरखे
सेवक संदेशे नै तरसे
आ आ आ आ आ आ
चिठ्ठी आई है आई है, चिट्ठी आई है
चिट्ठी आई है खाटू से, चिट्ठी आई है
बड़े दिनों के बाद
मेरे श्याम धणी को आज
अरे बड़े दिनों के बाद
भगत की याद सताई है
सुण संदेशो साँवरियै को
मनडो घणो हरशायो
बंध गया पाँव म घुगरिया सा
मन को मोर यो गायो
महारो श्याम बड़ो दिलदार
हो जाओ लेवण नै तैयार
महिमा गावै है कमल किशन
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