
तुझको सोचूँगा तो सँवर मैं जाऊँगा,
बिन तेरे मेरे मोहन किधर जाउगा,
प्रेम इतना जो कान्हा आने लगा है ,
तू दीवाना मोहन बनाने लगा है,
रह न पाउगा मोहन मैं तो मर जाउगा,
सपना सुहाना तूने दिखा जो दिया है,
मन को मेरे जो तूने चुरा जो लिया है,
तुझको देखे बिना अब न रह पाउगा,
छोड़ कर तेरी चौकठ किधर जाउगा,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


