
तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं,
मेरे भोले ओ बम भोले मैं काशी नगरी आई हूं,
सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में मुक्ति है,
उसी गंगा में नहाने को मैं काशी नगरी आई हूं,
सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में गंगा है,
उसी गंगा को पाने को मैं काशी नगरी आई हूं,
सुना है हमने ओ भोले तेरा काशी में मन्दिर है,
उसी मन्दिर में पूजा को काशी नगरी आई हूं,
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