
दीनानाथ आंगली
आया सरसी जी श्याम थाने,
था बिन दीनानाथ,
आंगली कुण तो पकड़सी जी,
म्हारी पीड़ हरो घनश्याम आज,
थाने आया सरसी जी,
सांवरा, था बिन दीनानाथ,
श्री श्याम, आजा मेरे घनश्याम,
तेरो नाम, तेरो नाम,
रटता सुबह और शाम।
था बिन म्हारे सिर पै बाबा,
कुण तो हाथ फिरावे,
सगला मुण्डो फेर के बैठ्या,
कुण म्हाने गले लगावे,
मजधारा स्यूं बेड़ो कईयां,
पार उतरसी जी,
म्हारी हालत सेठ सांवरा,
थासू कोन्या छानी,
एक बार थे पलक उघाड़ो,
देखो म्हारे कानी,
थारे देख्या बिगड़ी म्हारी,
श्याम सुधरसी जी,
आंख्या सामी घोर अंधेरो,
कुछ ना सूझे आगे,
ईब के होसी सोच सोच के,
म्हाने तो डर लागे श्याम,
हर्ष म्हारे आगे को रस्तो,
श्याम ही करसी जी,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

