
दौलत शोहरत है केवल संसार के लिए
दौलत शोहरत है केवल,
संसार के लिए,
हम तो प्रेमी पागल है,
तेरे प्यार के लिए,
तर्ज – दिल दीवाने का डोला।
जो तेरा है दीवाना,
ना चाहे कोई खजाना,
उसको दिलबर से मतलब,
ना भाए उसे जमाना,
मेरी आँखे तरस रही है,
दीदार के लिए,
कोई चाहे कंचन काया,
कोई मांगे नैन की ज्योति,
कोई चाहे चांदी सोना,
कोई मांगे हिरे मोती,
तेरे दर पे आई दुनिया,
उपहार के लिए,
गिरिराज गोवर्धन धारी,
मन मोहन मदन मुरारी,
‘गंगा गौरी’ ये कहते,
बस चाहे शरण तिहारी,
‘बेधड़क’ मांग रहे तुमसे,
परिवार के लिए,
स्वर – कुमार गिरिराज जी।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.




