
धर्म कर्म घटता ही जाए डोल रहा ईमान,
संकट मोचन संकट टालो करो विश्व कल्याण ।
जय जय राम सिया राम बोलो राम,
सिया हरण जब हुआ सिया का पता लगाया,
लक्षमण को भी बचाने हेतु संजीवन ले आया ।
इंसान के दिल में पनप रहा है देखो एक शैतान,
राम की मुश्किल आसान करदी तुमने हर एक बार,
श्री राम का काम हर बार किया सहज स्वीकार ।
इधर उधर चहु और लोग सब होने लगे बेई मान,
लंका जला के बजरंग ने बल अपना दिखाया,
रावण को बल पे गर्व था तूने गर्व मिटाया ।
बुरे का होता पतन सदा और सच्चे का उत्थान,
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