
नगर भागली जामो पायो,
पीरजी पीर पद पायो जी,
सिरेमंदर री अलख पेडिया में,
राज करायो जी शान्तिनाथजी,
जियो जियो जी शान्तिनाथजी,
थोरी जग जालौरी मे फिरे दुआई जी,
शान्तिनाथजी जी,
वारी वारी ओ पीर बापजी,
शान्तिनाथ जी।।
केशरनाथजी गुरु भेटिया,
सत मन सेवा कराई जी,
चितहरणी में भजन कमायो,
प्रसिद्ध परम-पद पायो जी,
जियो जियो जी शान्तिनाथ जी,
जियो जियो जी म्हारा पीरजी,
भक्तों रा भीडु आप केवाया ओ,
बतीसी सोमासा आप कराया,
असरज काम करायो जी,
भुला भटका ने रस्ते लगाया,
कृपा कराई ओ पीर बापजी,
इण दुर्बलियो रे बेले आया जी,
नाथ समप्रदा मे नाम आपरो,
सगला थाने सिमरे ओ,
बडा बडा योगेश्वर थाने,
शिवरुपी माने ओ के शान्तिनाथजी,
भक्तों रे हरदम भेला रेईजो जी,
मानुष तन छोड दाता,
शिव मे आप समायो ओ,
गंगानाथजी ने पीर बनाया,
जोरावर लिखायो जी,
शान्तिनाथजी,
प्रेषक – मदनसिंह जोरावत बागरा
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.


