
नर से नारी बने हैं गौरां के पिया
माथे, पे बिंदिया, माथे, पे टीका ॥
लम्बा, घूँघट डाले, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
आँखों, में कज़रा, वालों में गज़रा ॥
जटा से, गंगा बहाए, गौरां के पिया ।
कानों, में कुण्डल, नाक में नथुनियाँ ॥
गले में, पहने हरवा, गौरां के पिया ।
हाथों, में चूड़ियाँ, हाथों में कँगना ॥
लाल, मेंहदी लगाए, गौरां के पिया ।
पैरों, में पायल, घुँघरू जड़े हैं ॥
महावर, लाल लगाए, गौरां के पिया ।
अंगों, में साडी, अंगों में लंहगा ॥
चुनरी, लाल हैं ओढ़े, गौरां के पिया ।
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.

