
ना जाने कितनो को जीवन तुमने दिया उधार
ना जाने कितनो को जीवन तुमने दिया उधार
मेरे सांवरिया सरकार, मेरे सांवरिया सरकार
मुझ पर किरपा की नज़र तुम कर दो ना एक बार
चमत्कार हर रोज़ ही होता श्याम तुम्हारे दर पर
अनहोनी को होनी करते देखा तुम्हे है अक्सर
बिगड़ी किस्मत को एक पल में तुमने दिया संवार
जिसने तेरी चौखट चूमी काम बना है झटपट
तेरी मोरछड़ी के आगे आये ना कोई संकट
हम दीनो का पालनहारा तू ही तारणहार
तेरी दातारी के आगे नतमस्तक है कुंदन
अपनी दया से कर देता है दूर तू सारी उलझन
अपने लाल विशाल राज पर सदा लुटाता प्यार
1. “ना जाने कितनों को जीवन तुमने दिया उधार” किसके लिए गाया गया है?
: यह भजन सांवड़िया सेठ (श्रीकृष्ण) के लिए गाया गया है, जो भक्तों के जीवन के दुख हरते हैं।
2. इस भजन में सांवड़िया सेठ को किस रूप में दर्शाया गया है?
: भजन में उन्हें एक दयालु दाता और जीवन उधार देने वाले प्रभु के रूप में चित्रित किया गया है।
3. क्या यह भजन केवल नाथद्वारा के लिए है?
: नहीं, यह सभी सांवड़िया सेठ भक्तों के लिए है – चाहे वे नाथद्वारा, मंडफिया या डिग्गी से हों।
4. इस भजन के वीडियो या ऑडियो वर्शन कहां मिलेंगे?
: यूट्यूब, गाना और
जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यह भजन उपलब्ध है।
5. क्या यह भजन जागरण या भजन संध्या में गाया जाता है?
: हाँ, यह भाव भरा भजन जागरण, भजन संध्या और श्याम दरबार में बहुत लोकप्रिय है।
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