
ना झटको जटाओं से गंगा हमारी गोरा भीग जाएगी....
भोले के माथे का चंदा गोरा की बिंदिया में चमका,
चमक यह कैसे दमकेगी नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा हम भी देखेंगे नजारा तुम भी देखोगे....
गले में सर्पों की माला गौरा के घरवा से उलझी,
यह उलझन कैसे सुलझेगी नजारा हम भी देखेंगे,
भोले के हाथ के डमरु गौरा के कंगना से उलझा,
यह उलझन कैसे समझेगी नजारा हम भी देखेंगे,
भोले के अंग मुरागाछा ला गोरा की चुनरी से उलझी,
भोले के पैर के घुंघरू गोरा की पायल से उलझी,
भोले के संग में गोरा गोरा की गोद में गणपत,
तीनों का मेल है कैसा नजारा हम भी देखेंगे,
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