
नि रंगा तो मैं फिर बच्दी
नि रंगा तो मैं फिर बच्दी श्याम होलियां खेडन नु आ गया,
नि आंद्रा च फिरा लुक दी पिचकारी ओ ते रंगा दी वगा गया,
नि रंगा तो मैं फिर बच्दी.......
गलियां च धूम मच गई श्याम सड़ी गली विच आया,
थोड़ा थोड़ा रंग उस ने आज सरिया दे ऊठे छिडकाया,
नि वेख के निहाल हो गया ऐसा रूप अनोखा विखा गया नि,
चार चुबरे ऑडियो आज खुशियां दा आलम छाया,
सतरंगी रंग उड़ दे जह्नु देख के दिल परवाया,
नि लाल ते गुलाबी नीला पीला हारा रंग मेरे ते बाह गया,
खुशियां च फिरा भजदी आज पैर नि ज़मीन ते लगदे,
वेख वेख भूख भजदी श्याम अथरे रंगा विच सज दे,
नि सरियाँ ते आज ऑडियो महरा दा मीह बरसा गया,
श्याम दे रंगा ने आज सब नु सदाई किता,
नाम दा प्याला ओस दा आज ब्रिज शर्मा भी पिता,
नि आरती भी धन हो गई जह्नु सपने च दर्श दिखा गया,
हिंदी · Read on Bhajan Baan
Share this bhajan with your family
Send it to your satsang group before kirtan so everyone has the words.





